संकट मोचक हनुमान अष्टक

अंजनी गर्भ संभूतो, वायु पुत्रो महाबल:। कुमारो ब्रह्मचारी च हनुमान प्रसिद्धिताम्।। मंगल-मूरति मारुत नन्दन। सकल अमंगल मूल निकन्दन।। पवन-तनय-संतन हितकारी। हृदय विराजत […]

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सुन्दर काण्ड

श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्रीरामचरितमानस ~~~~~~~~ पञ्चम सोपान सुन्दरकाण्ड श्लोक शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं […]

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बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै […]

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